उत्तर प्रदेशबस्ती

बलात्कार की झूठी घटना दिखाकर ठगी करने वाले पत्रकार दिलीप पांडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। बलात्कार की झूठी घटना दिखाकर ठगी करने वाले तथाकथित पत्रकार दिलीप पांडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज।।

बस्ती कोतवाली पुलिस ने गौर थाना क्षेत्र के ढोढरी निवासी एक व्यक्ति की तहरीर पर भोली भाली महिलाओं को बहला फुसलाकर पैसे का लालच देकर झूठा आप लगाने के मामले में गांव के ही दिलीप कुमार पांडे पुत्र सिद्धनाथ के विरुद्ध बी.एन।एस. की धारा 318 (2) धारा 318 ( 4) के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

 एक मामला बस्ती जिले के ढोढरी गांव से सामने आया था। जहां पर दिलीप पांडे नाम का एक व्यक्ति जो ठगी का गैंग चलाता है और भोली-भाली महिलाओं को फंसा कर ढोढरी गांव के ही प्रतिष्ठित एवं सम्मानित व्यक्तियों पर फर्जी आरोप लगवाया था।

👉दिलीप कुमार पांडे के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा—

बस्ती कोतवाली पुलिस ने गौर थाना क्षेत्र के ढोढरी निवासी एक व्यक्ति की तहरीर पर भोली भाली महिलाओं को बहला फुसलाकर पैसे का लालच देकर झूठा आप लगाने के मामले में गांव के ही दिलीप कुमार पांडे पुत्र सिद्धनाथ के विरुद्ध बी.एन।एस. की धारा 318 (2) धारा 318 ( 4) के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दिलीप कुमार पांडे पर कई सारे गंभीर आरोप भी लगे हैं। बस्ती कोतवाली पुलिस को दिये तहरीर में कहा गया है कि जनपद में एक गैंग चल रहा है जो गरीब महिलाओं को पैसे की लालच देकर झूठा मनगढ़त आरोप तैयार कर दबाव बनाकर बलात्कार का घटना दिखाकर अच्छे छवि वालों पर आरोप लगाते है।

😇गलत आरोप लगवा कर करता है धन उगाही—

दिलीप कुमार पांडे महिलाओं से झूठे आरोप लगवाकर पैसों की ठगी करता है। ऐसा एक घटना मिथिलेश पत्नी राम गोपाल ग्राम-करमा, थाना-पुरानी बस्ती, जनपद-बस्ती प्रकाश में आया है, जिसमे मिथिलेश के तरफ से धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत मिथिलेश बनाम जितेन्द्र आदि दाखिल किया गया है, जो गलत है। यह दिलीप कुमार पाण्डेय का कारनामा था जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र मिथिलेश के द्वारा शपथ पत्र के साथ देकर इस गैंग में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गयी है। इसी गांव में कई महिलाओं को अपने जाल में फसांकर फोटो, आधार कार्ड तथा सादा कागज पर हस्ताक्षर कराकर कई लोगों पर झूठा मुकदमा धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत कोर्ट में मुकदमा दाखिल कराकर लोगो को बदनाम करते है। जिसमें दिलीप कुमार गैंग के सरगना के रुप में काम कर रहे है। ग्राम-करमा की संगीता आदि ने भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाया है कि आधार कार्ड, फोटो तथा सादा कागज पर हस्ताक्षर दिलीप कुमार पाण्डेय ने रखा है जिसका वह दुरूपयोग कर रहे है।

बस्ती में अमरनाथ गैंग का भंडाफोड़, लेकिन नामज़द मास्टरमाइंड दिलीप पांडे अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर। ASP रिपोर्ट में भी संलिप्तता साबित। जिले में एक कुख्यात गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद भी पुलिस की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। अमरनाथ और उसकी तीन महिला साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, लेकिन नामज़द अभियुक्त और कथित मास्टरमाइंड दिलीप पांडे अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

👉झूठे मुकदमों से करोड़ों की वसूली

बस्ती पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि अमरनाथ गिरोह महिलाओं को झूठे आरोप लगाने के लिए तैयार करता था। फिर बलात्कार और एससी/एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए जाते थे। इसके बाद पीड़ितों को समझौते के नाम पर दबाव डालकर लाखों रुपये वसूले जाते थे। इस पूरे नेटवर्क में दिलीप पांडे का नाम एफआईआर-365/2024 में साफ़ तौर पर दर्ज है। शिकायतकर्ता शशिकांत पांडे ने उसे गिरोह का अहम सदस्य बताया था।

👉ASP रिपोर्ट में भी दिलीप का नाम साफ़

डीजीपी के आदेश पर केस की जांच बलरामपुर एएसपी को सौंपी गई। उनकी रिपोर्ट में साफ़ लिखा गया कि अमरनाथ और दिलीप पांडे दोनों मिलकर फर्जी मुकदमों का खेल खेलते हैं। रिपोर्ट में गिरोह की सुनियोजित रणनीति और पैसों की उगाही का पूरा ब्योरा दर्ज है। सूत्रों के मुताबिक बस्ती पुलिस शुरू से ही इस गिरोह को बचाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह सचिव के दखल के बाद मामला खुला और केस बस्ती से हटाकर बलरामपुर भेजा गया।

👉मास्टरमाइंड क्यों आज़ाद?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एफआईआर और एएसपी की रिपोर्ट में दिलीप पांडे का नाम साफ़ है, तब तक उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? पीड़ित शशिकांत पांडे ने 18 जुलाई 2025 को डीआईजी बस्ती परिक्षेत्र को पत्र लिखकर अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी और अभियोजन की मांग की है। चर्चाओं में यह भी सामने आया कि दिलीप पांडे का उठना-बैठना जिले के बड़े अधिकारियों के साथ है। यही वजह बताई जा रही है कि पुलिस उसकी गिरफ्तारी से बच रही है। जनता पूछ रही है—क्या दिलीप पांडे को कानून से ऊपर किसी ‘सुरक्षा’ का सहारा मिल रहा है?

Back to top button
error: Content is protected !!